बीएमसी चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। इस सूची में कुल 66 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। बीजेपी की इस लिस्ट में कई नए चेहरे हैं तो कुछ जाने-पहचाने नाम भी हैं।
सबसे ज्यादा चर्चा में नाम है नील सोमैया का। नील सोमैया, बीजेपी के वरिष्ठ नेता किरीट सोमैया के बेटे हैं। पार्टी ने उन्हें मुलुंड पश्चिम के वार्ड नंबर 107 से उम्मीदवार बनाया है। नील के मैदान में उतरने से इस सीट पर मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
बीजेपी ने मुंबई के अलग-अलग वार्डों से उम्मीदवार उतारे हैं, जिनमें महिलाएं, युवा और अनुभवी नेताओं का संतुलन दिखता है। पार्टी ने यह संकेत देने की कोशिश की है कि वह संगठन और अनुभव दोनों को साथ लेकर चुनाव मैदान में उतरेगी।
महाराष्ट्र में इस बार निकाय चुनाव गठबंधन की राजनीति के बीच हो रहे हैं। बीजेपी ने अधिकतर सीटों पर एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ गठबंधन बरकरार रखा है। हालांकि, इस गठबंधन से पार्टी के कुछ कार्यकर्ता नाराज भी नजर आ रहे हैं। खासकर कल्याण ईस्ट में बीजेपी को सिर्फ सात सीटें मिलने से अंदरूनी असंतोष सामने आया है।
वहीं दूसरी ओर, अजित पवार की एनसीपी ने भी अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। एनसीपी की लिस्ट में ज्यादा मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट मिलने को लेकर पार्टी के अंदर बवाल मचा हुआ है। कई कार्यकर्ता वरिष्ठ नेता नवाब मलिक से नाराज बताए जा रहे हैं।
सियासी तस्वीर यहीं नहीं रुकती। अजित पवार ने पिंपरी चिंचवड़ महानगरपालिका चुनाव के लिए अपने चाचा शरद पवार गुट के साथ गठबंधन कर लिया है और चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया है। प्रचार के दौरान अजित पवार ने बीजेपी और अन्य पार्टियों पर निशाना साधते हुए कहा कि “यह जनता का पैसा है, किसी के निजी बाप की जागीर नहीं।” उनका यह बयान सियासी गलियारों में काफी चर्चा में है।
कुल मिलाकर, बीएमसी और अन्य निकाय चुनावों को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति पूरी तरह गर्मा चुकी है। टिकट बंटवारे से नाराजगी, नए गठबंधन और तीखे बयान साफ संकेत दे रहे हैं कि आने वाले दिनों में राजनीतिक मुकाबला और तेज होने वाला है। अब देखना होगा कि जनता किस पर भरोसा जताती है।








