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ब्रेस्ट कैंसर की मुफ्त जांच अब घर-घर: वाराणसी में ‘नमो शक्ति रथ’ पहल की ऐतिहासिक शुरुआत

महिलाओं में स्तन कैंसर

भारतीय महिलाओं में स्तन कैंसर सबसे आम और एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती है, जिसके लगभग 60 प्रतिशत मामलों का पता देर से चलता है। इस समस्या के निवारण हेतु प्रधानमंत्री के “स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार” अभियान से प्रेरित होकर, वाराणसी लोकसभा क्षेत्र में ‘नमो शक्ति रथ’ पहल की शुरुआत की गई है। इस पहल का उद्देश्य अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करके महिलाओं को उनके घर पर ही मुफ्त स्क्रीनिंग और निवारक देखभाल प्रदान करना है, ताकि समय रहते स्तन कैंसर का पता लगाया जा सके।

मुख्य विकास अधिकारी (CDO) प्रखर कुमार सिंह ने इस महत्वपूर्ण पहल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का संचालन मण्डल आयुक्त एस. राजलिंगम और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार के दिशा निर्देशन में आईटीवी फाउंडेशन के सहयोग से किया जा रहा है। यह मॉडल नीति, तकनीक और जमीनी क्रियान्वयन के बीच एक मजबूत तालमेल बिठाता है और WHO द्वारा अनुशंसित सर्वोत्तम वैश्विक कैंसर रोकथाम पद्धतियों को स्थानीय स्तर पर लागू कर रहा है।

नो सी, नो टच तकनीक से होगी स्क्रीनिंग

‘नमो शक्ति रथ’ एक मोबाइल वैन के रूप में कार्य करेगा, जिसका मुख्य आकर्षण इसमें उपयोग की जा रही अत्याधुनिक स्क्रीनिंग तकनीक है। इसमें एआई-पावर्ड थर्मल इमेजिंग तकनीक (थर्मलाइटिक्स) का उपयोग किया जा रहा है, जिसे ‘नो सी, नो टच’ तकनीक कहा जाता है। यह नॉन-इनवेसिव, रेडिएशन-फ्री और बिना किसी शारीरिक संपर्क के जांच की सुविधा प्रदान करती है। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में महिलाओं को अक्सर दूरी, लागत और सामाजिक झिझक के कारण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पाता है। यह डोर-स्टेप स्क्रीनिंग मॉडल इन बाधाओं को दूर करने में सहायक सिद्ध होगा।

7.50 लाख महिलाओं को लक्षित करने का उद्देश्य

इस पहल को सबसे पहले वाराणसी के 290 ग्राम पंचायतों, नगर निगम के 92 वार्डों और गंगापुर के 12 वार्डों में शुरू किया जा रहा है। इसका लक्ष्य 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की लगभग 7.50 लाख महिलाओं तक पहुंच बनाना है। इस वृहद कार्य के लिए कुल 20 नमो शक्ति वैन का संचालन किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. राजेश प्रसाद ने बताया कि समुदाय में जागरूकता फैलाने और महिलाओं को निर्धारित स्थलों पर स्क्रीनिंग के लिए लाने हेतु आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) और पंचायत कर्मियों का सहयोग लिया जा रहा है। कार्यक्रम का सफल संचालन जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से सुनिश्चित किया जा रहा है।

नमो शक्ति रथ पहल से महिलाओं में कैंसर की समय पर पहचान, बेहतर फॉलो-अप और गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित होने की उम्मीद है। यह कार्यक्रम महिला-केंद्रित निवारक स्वास्थ्य सेवा का एक अनुकरणीय मॉडल बन सकता है, जो आने वाले समय में देश के अन्य हिस्सों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बनेगा।